यहाँ एक कविता है:

काली रात में चमकते सितारे
जैसे छिपी हुई उम्मीदें प्यारे

धरती पर सन्नाटा, ऊपर तारों का मेला
हर तारा एक कहानी, हर किरण एक अनमोल खेला

कभी चमकते, कभी मद्धम होते
मौन संगीत में खुद को खोते

अनंत आकाश में बिखरे हुए सपने
जैसे प्रकाश के कण, नीरव अरमाने