यहाँ एक कविता है:

शहर की रोशनी

चमकते खिड़कियों में झलकती
हजारों सपनों की जगमग

रात के काले कपड़े में
बिखरी हुई चांदनी रंगत

नीऑन साइन बोर्ड पर
टिमटिमाते रंग-बिरंगे

सड़कों पर बिखरी हुई
हजार जुगनुओं सी रोशनी

दूर-दूर तक फैली हुई
शहर की चमक-दमक