यहाँ एक कविता है:

लहरों का अनंत नृत्य

चाँदनी में चमकता समुद्र
हर लहर एक कहानी बुनती
कभी शांत, कभी उग्र स्वर में
अपने मन की व्यथा सुनाती

नीले जल में उमंग भरी
टूटती, बनती, फिर मिटती
क्षण भर में जीवन का चक्र
हर लहर मुझे सिखाती