यहाँ एक कविता है:

हरी-हरी घाटी में बसंत की मुस्कान
पत्तों पर चमकती ओस की नन्ही जान

पहाड़ों पर बहती नदी का संगीत
फूलों में महकती सुरभित प्रीत

बादल छाए, मोर नाचे मनमोहक
प्रकृति का यह दृश्य है अनमोल, अनोखा

सूरज की किरणें, पवन की सनसनाहट
जीवन की मधुर, अनंत आवाज़