सुबह की चाय
उजाले में ढली रात की थकान
एक प्याला चाय, मेरा जीवन अरमान
भाप उठती, अदरक की महक
मन में उमंग, होठों पर एक मुस्कान
चम्मच मेें झनकता चीनी का संगीत
पल भर में मिटती हर एक परेशान
गर्म चुस्की, शांत क्षण, अकेले में
जैसे मिलती जीवन को नई पहचान
सुबह की चाय
उजाले में ढली रात की थकान
एक प्याला चाय, मेरा जीवन अरमान
भाप उठती, अदरक की महक
मन में उमंग, होठों पर एक मुस्कान
चम्मच मेें झनकता चीनी का संगीत
पल भर में मिटती हर एक परेशान
गर्म चुस्की, शांत क्षण, अकेले में
जैसे मिलती जीवन को नई पहचान