यहाँ एक कविता है:

तेरी याद के पन्ने

तेरी याद के पन्ने पर लिखी हर पंक्ति
धुंधली सी है, पर स्पष्ट हृदय की चिंगारी

दूरियाँ बढ़ीं तो प्रेम और गहरा हुआ
तू नहीं है, फिर भी हर पल में बसा है

आँखों में तेरी मुस्कान, सपनों में तेरा चेहरा
विरह की राह पर चलते हुए भी तू साथ है