यहाँ एक कविता है:

हरियाली का आँचल

सुबह की धुंध में खिला गुलाब
पत्तों पर मोती सी ओस
पहाड़ों पर चाँदनी का जाल
मन में उमंग की कोस

नदी बहती, पवन गाता
हर कोस पर एक नया रंग
प्रकृति का यह अनमोल तोहफा
भरा जीवन के रस और संग