धूसर पन्नों में छुपी यादें
जैसे पुरानी किताब के पन्ने,
मुड़ गए हैं अतीत के चरण
कभी हँसते, कभी रोते हुए
बीते पल के मधुर स्मरण
याद आते हैं वो पुराने चेहरे
जो अब छाया मात्र रह गए
समय की धारा में बह गए
पर स्मृतियों में फिर भी जी गए
धूसर पन्नों में छुपी यादें
जैसे पुरानी किताब के पन्ने,
मुड़ गए हैं अतीत के चरण
कभी हँसते, कभी रोते हुए
बीते पल के मधुर स्मरण
याद आते हैं वो पुराने चेहरे
जो अब छाया मात्र रह गए
समय की धारा में बह गए
पर स्मृतियों में फिर भी जी गए