यहाँ एक कविता है:

लहरों की अनंत बातें

नीले समुद्र की गोद में
उठती मचलती लहरें
कभी शांत, कभी उग्र
अपनी कहानी गाती

चाँदनी रात में चमकती
सफेद झाग की पट्टियाँ
तट पर टकराती, फिर
पीछे खींच जाती

हर लहर में है जीवन
हर छलांग में एक संघर्ष
कभी मुस्कुराती, कभी
गुस्से में गरजती