यहाँ एक कविता है:

हरित वन में, नीली पहाड़ियों पर
छाई है प्रकृति की मुस्कान
झरने की कलकल, पत्तों की सरसराहट
हर पल एक अनोखा गान

सूरज की किरणें चूमती पत्तियों को
हवा में नाचती घास के तंतु
रंग-बिरंगे फूल खिले मुस्कुराते
प्रकृति का यह अद्भुत संस्मरण

पर्वत, नदी, मैदान और बादल
एक साथ रचते अनमोल चित्र
मौन में भी कहते हैं कितनी कहानियाँ
प्रेम की, जीवन की, हर पल अमर