हरियाली की चादर
बिछी है धरती पर
पत्तों में छिपी हुई
मधुर मुस्कान सी मनमोहक
पहाड़ों की गोद में
झरने बहते निर्मल
हवा में तैरते
सुगंधित फूलों के संगीत
नीले आकाश की गोद में
बादल नाचते हुए
प्रकृति का यह अनमोल उपहार
हर पल करता मन को भोर
हरियाली की चादर
बिछी है धरती पर
पत्तों में छिपी हुई
मधुर मुस्कान सी मनमोहक
पहाड़ों की गोद में
झरने बहते निर्मल
हवा में तैरते
सुगंधित फूलों के संगीत
नीले आकाश की गोद में
बादल नाचते हुए
प्रकृति का यह अनमोल उपहार
हर पल करता मन को भोर