यहाँ एक कविता है:

शहर की रोशनी

चमकती हुई बिजली के तारों में
रात की पलकों पर जगमगाहट

सड़कों पर बिखरे हुए नीऑन लाइट्स
हर कोने में छुपी एक अनकही आहट

सिलेंडर की लौ सी जलती
इमारतों की खामोश आँखें

सपनों के रंग बिखेरती
शहर की यह चाँदनी रोशनी