यहाँ एक कविता है:

हरियाली का आँचल

पहाड़ों पर बिखरी हरियाली
छटपटाती हवा में मचलती पाली

नदी की कलकल धारा में
झूमते पेड़, गाते किनारे

पत्तों पर चमकती ओस की बूँद
प्रकृति है एक अनमोल गहना मूक

पंछी गाते मधुर संगीत
हर पल है जीवन की एक अनूठी रीत