पुरानी पोथी के पन्नों में
धुंधले चित्र, मुस्कुराते चेहरे
फीके रंग में भी जीवंत सपने
अतीत की गहराइयों से झाँकते
याद आते हैं वो क्षण
जब समय थमा था
और भावनाएँ बहती थीं
बिना किसी रोक-टोक के
स्मृतियाँ, मोमबत्तियों की तरह
कभी टिमटिमाती
कभी पूरी तरह जलती
मेरे अतीत के आँगन में