यहाँ एक कविता है:

लहरें

नीले अनंत में उठती, गिरती
समुद्र की आत्मा सदा मचलती

क्षण में उग्र, क्षण में शांत
तूफान और मंद मंद कांत

सिल्वर झाग, नीला गहराव
हर लहर में छुपा एक नया स्वर

चट्टानों से टकराती, फिर पीछे हटती
अपने जीवन का अनमोल संघर्ष करती