यहाँ एक कविता है:

नीले अंधेरे में जगमग सितारे
चाँदनी बिखेरते निराले सितारे

मौन रात की गोद में टिमटिमाते
सपने के तार पर मुस्कुराते

कभी करीब, कभी दूर अनंत में
चमकते हुए शाश्वत क्षण में

नीलम आसमान के गहरे कोर में
टिमटिम करते शांत मनोहर स्वर में