यहाँ एक कविता है:

तेरी याद के सागर में

तेरी याद के सागर में डूबा रहता हूँ
हर पल, हर श्वास में तुझे महसूस करता हूँ

दूरियाँ बढ़ती जाती हैं, पर प्रेम कम नहीं होता
तुम्हारी स्मृतियाँ मेरे दिल में अमर हो जाता है

कभी बादलों में तुम्हारा चेहरा देखता हूँ
कभी हवा में तुम्हारी सुगंध पाता हूँ

विरह की पीड़ा है गहरी, पर प्रेम और गहरा
तुम दूर हो, फिर भी मेरे पास हो सदा