यहाँ एक कविता है:

तेरी याद के पुल पर
टहलता मन अकेला

दूर जाते कदम तेरे
छोड़ गए हैं छेड़ा

महक अभी भी बाकी है
तेरी बाहों की गली में

प्रेम की धड़कन मौन है
मेरी आँखों की झली में