खामोशी
शब्दों के पार एक दुनिया है
जहाँ सन्नाटा बोलता है
मौन की गहराइयों में
छुपी हैं असीम बातें
कभी-कभी मेरी आँखें
खामोशी से भर जाती हैं
जैसे बादल अपनी चादर
मौन में बिछा जाते हैं
खामोशी
शब्दों के पार एक दुनिया है
जहाँ सन्नाटा बोलता है
मौन की गहराइयों में
छुपी हैं असीम बातें
कभी-कभी मेरी आँखें
खामोशी से भर जाती हैं
जैसे बादल अपनी चादर
मौन में बिछा जाते हैं