यहाँ एक कविता है "खामोशी" पर:

खामोशी

शब्दों के पार, सन्नाटे में
छुपी है एक गहरी कहानी
मौन की गोद में बसी हुई
मेरी अनकही जुबानी

कभी मदमस्त, कभी सहमी
खड़ी है चुप्पी अनमोल
आँखों में छुपे सपने अधूरे
मन की गहराई का बोल