मित्रता की डोर
हाथों में हाथ, मन में विश्वास
कभी टूटे न यह प्रीति का पास
साथ चलते हैं, खुशी-गम में
एक दूजे के जीवन के सपने में
शब्द नहीं, भाव करते बयान
मुस्कुराहट में छुपा अरमान
जब अँधेरा घेरे, तब साथ खड़े
हर मुश्किल में साथी बने खड़े
मित्रता की डोर
हाथों में हाथ, मन में विश्वास
कभी टूटे न यह प्रीति का पास
साथ चलते हैं, खुशी-गम में
एक दूजे के जीवन के सपने में
शब्द नहीं, भाव करते बयान
मुस्कुराहट में छुपा अरमान
जब अँधेरा घेरे, तब साथ खड़े
हर मुश्किल में साथी बने खड़े