यहाँ एक कविता है मित्रता पर:

मित्रता का रंग

तुम मेरे साथ खड़े हो जब,
जैसे पल-पल जीवन बनता है
हर मुश्किल में तुम्हारी मुस्कान
मेरे दिल को सहारा देता है

कभी शब्द नहीं, बस एक नज़र
कभी हँसी, कभी चुप्पी अपार
तुम्हारी पीठ पर हाथ रखा तो
महसूस होता प्यार का संसार

न रंग देखा, न जाति पूछी
बस दिल की धड़कन पहचानी
मित्रता ऐसी अनमोल लड़ी
जिसमें हर पल है महान