मित्रता का रंग
जब आँखों में आँसू, तब साथ खड़े रहना
जब हँसी छलके, साथ में हँसना
अनकहे शब्दों को समझना
बिना कहे भी सब कुछ कह जाना
कभी डाँटे, कभी गले लगाए
अपनापन ऐसा जो सदा निभाए
दोस्ती है यह अनमोल तान
जहाँ हर पल है एक नया अरमान
मित्रता का रंग
जब आँखों में आँसू, तब साथ खड़े रहना
जब हँसी छलके, साथ में हँसना
अनकहे शब्दों को समझना
बिना कहे भी सब कुछ कह जाना
कभी डाँटे, कभी गले लगाए
अपनापन ऐसा जो सदा निभाए
दोस्ती है यह अनमोल तान
जहाँ हर पल है एक नया अरमान