यहाँ एक कविता है मित्रता पर:

मित्रता का रंग

जब आँखों में आँसू होते हैं
तुम होते हो पास मेरे
हँसी के फूल खिलाते हो
दुख के पल में सहारे मेरे

कभी शब्दों में, कभी चुप्पी में
तुम अपनी प्रीत बिखेरते हो
मन की गहराइयों से निकली
एक अनूठी मीत बनाते हो

जीवन के उतार-चढ़ाव में
तुम मेरा हाथ थामे रहते
बिना कहे, बिना माँगे
मेरी हर पीड़ा बाँटते हो