यहाँ एक कविता है "मित्रता" पर:

मित्रता का रंग

जब जीवन में अंधेरा छाता है
तुम मेरी आँखों में प्रकाश बन जाते हो

कभी बिना शब्दों के समझ लेते हो
कभी हँसी से दुख को मिटा देते हो

साथ में बैठे, चाय की चुस्कियाँ
यादों के ताने-बाने बुनते हुए

हर मोड़ पर साथ, हर पल में साथ
मित्रता तुम्हारी - जीवन का एक व्रत