मित्रता का रंग
धुंधली सी यादों के पन्नों में,
एक हाथ तुम्हारा, एक मेरा
बिना शब्दों के भी सब कुछ कहा,
मौन में भी प्रेम का तराना भरा
कभी हँसते, कभी रो के साथ,
जीवन के हर मोड़ पर अटूट विश्वास
दोस्ती ऐसी, जो सजती है पल-पल,
हर दुख में साथ, हर ख़ुशी में ढल