यहाँ एक कविता है मित्रता पर:

मित्रता की डोर

सच्चे मन की मीठी डोर,
जो बाँधती है दिल को चार
कभी न टूटे यह नेह-बंधन
हर पल साथ, हर मुश्किल पार

हँसी-खुशी में, आँसू में भी
मित्र रहे वफ़ादार सदा
अपनापन जैसे छुपा हो कहीं
प्यार का एक अनमोल शब्दा