मित्रता की डोर
जब सच्चे मन से मिलते हैं दो मन
बंधते हैं अनोखे, गहरे तन-मन
कभी हँसी में, कभी आँसू में साथ
जीवन के हर रंग में एक अटूट साथ
शब्दों से परे, भावों का गहरा संबंध
जो तोड़ता हर दुख का कठिन बंध
मित्र वो जो हँसे तुम्हारी हँसी में
सहारा दे जीवन की हर कठिन कशिश में