यहाँ एक कविता है मित्रता पर:

मित्रता का रंग

जैसे रंग बिखरते हैं आसमान में
वैसे ही मन में बिखरती है मित्रता

कभी हँसी में, कभी आँसू में
साथ चलते हुए दोनों हाथों में

छोटी-छोटी बातें, बड़े सपने
एक दूजे के कंधों पर टिके रहते

दुख-सुख के पल में, हर मोड़ पर
मित्र वही जो साथ दे बिना मोल के