हरियाली का आँचल
पल-पल बदलता सौंदर्य,
हरी-भरी धरती का श्रृंगार
पत्तों में छुपी मधुर सरसराहट
पहाड़ों पर बिखरा नीला अंबार
कभी झरनों की कलकल धुन
कभी बादलों का गरजना
हर पल एक नया चित्र रचता
प्रकृति का अनमोल सपना
पूर्ब से पश्चिम तक फैला
रंगों का अद्भुत आकाश
एक पल में सूरज की लालिमा
एक पल में चाँद का विश्वास