लहरें उठतीं नीले सागर में
कल्पना की तरंगें बहतीं
क्षण भर में ऊँची, क्षण में नीची
अनंत की धड़कन सी चलतीं
चाँदनी में चमकती रजत पट्टी
सपनों के जहाज़ को ढोतीं
कभी गरजतीं, कभी मुस्कुरातीं
समुद्र की अनंत कहानी गातीं
लहरें उठतीं नीले सागर में
कल्पना की तरंगें बहतीं
क्षण भर में ऊँची, क्षण में नीची
अनंत की धड़कन सी चलतीं
चाँदनी में चमकती रजत पट्टी
सपनों के जहाज़ को ढोतीं
कभी गरजतीं, कभी मुस्कुरातीं
समुद्र की अनंत कहानी गातीं