प्रकृति की मुस्कान
हरी-भरी घाटी में, चमकते सुबह के तारे
झूमते पेड़, नाचती पत्तियां, मन के पारे
नदी की कलकल धार, पहाड़ों की गोद में
बहती प्रेम की अनंत लहर, जीवन के मोड़ में
फूलों की मुस्कान, पवन की कोमल स्पर्श
रंग-बिरंगी पंखुड़ियाँ, करती मन में हर्ष
धरती माँ का आँचल, सजा है हर पल
प्रकृति की सुंदरता, अनमोल है यह बल