प्रेम की लौ
तेरी याद में जलती हूँ मैं
हर पल, हर श्वास में तू बसा
दूरियाँ बढ़ती हैं, पर मन करीब
तेरे ख्यालों का आँचल फैला
कभी मुस्कुराहट, कभी आँसू
प्रेम के रंग इतने अनोखे
दिल की डगर पर चलती हूँ
तू मेरे साथ, तू मुझसे अलग
प्रेम की लौ
तेरी याद में जलती हूँ मैं
हर पल, हर श्वास में तू बसा
दूरियाँ बढ़ती हैं, पर मन करीब
तेरे ख्यालों का आँचल फैला
कभी मुस्कुराहट, कभी आँसू
प्रेम के रंग इतने अनोखे
दिल की डगर पर चलती हूँ
तू मेरे साथ, तू मुझसे अलग