धुंधली पड़ती स्मृतियाँ
पुरानी तस्वीरों में छुपी हुई
हलकी सी धूल भरी यादें
जैसे कागज़ के पन्नों में
दबे हुए सूखे फूल
कभी हँसते थे, कभी रोते
अतीत के रंग अब फीके से
एक पुरानी किताब की तरह
पन्ने उलटते जाते हैं
स्मृतियाँ हैं या छाया
जो साथ चलती है मौन
कभी करीब, कभी दूर
एक अनकही कहानी