यहाँ एक कविता प्रस्तुत है:

प्रकृति की मुस्कान

हरी-भरी घाटी में, फूलों का जलवा
पवन के संग नाचती, एक अनोखी कल्पना

पत्तों पर शबनम की बूँदें, चमकती हीरे सी
पहाड़ों पर बादल, बिखरी सुंदरता मनमोही

झरने की कलकल ध्वनि, पेड़ों की सरसराहट
प्रकृति की इस अनुपम सुंदरता में, मिलती शांति और आराहट