यहाँ एक कविता प्रस्तुत है:

पुरानी राहों के मोड़ पर

धूल भरी स्मृतियाँ बिखरी पड़ी हैं
हर पल एक कहानी, हर छाया एक संगीत
अतीत के पन्नों में दबी हुई
मुस्कुराहटें अभी भी जीवित

कभी हँसते थे, कभी रो दिए
वो पुराने चित्र अब भी साफ
यादें हैं जैसे पुरानी किताबें
जिन पर समय का नहीं कोई पाप