यहाँ एक कविता प्रस्तुत है:

हरियाली का जादू

पहाड़ों पर बिखरी हरियाली
मखमली घास पर चाँदनी काली

झरनों की कलकल धुन सुनकर
मन में उमंग, हृदय हुआ खिला

पत्तों में छुपी नन्हीं कलियाँ
मुस्कुराती हैं मधुर मनोहारी

सूरज की किरणें डांछती चारों ओर
प्रकृति का यह अद्भुत श्रृंगार