हरियाली की गोद में
सुबह की धुंध में छिपी हरियाली
पत्तों पर मंडराती चांदनी डाली
पहाड़ों की गोद में बहती नदी
कलकल करती, मन की हर पीड़ा धो दी
फूलों की मुस्कान, पवन की सनसनाहट
प्रकृति की इस अनूठी, मधुर कहानी में मेरा मन बौराहट
हरियाली की गोद में
सुबह की धुंध में छिपी हरियाली
पत्तों पर मंडराती चांदनी डाली
पहाड़ों की गोद में बहती नदी
कलकल करती, मन की हर पीड़ा धो दी
फूलों की मुस्कान, पवन की सनसनाहट
प्रकृति की इस अनूठी, मधुर कहानी में मेरा मन बौराहट