यहाँ एक कविता प्रस्तुत है:

तू दूर, मैं यहाँ

सिल्वर स्क्रीन पर तेरी याद
जैसे बादल में छुपी चाँदनी
मेरे दिल की हर धड़कन में
तेरी मुस्कान अधूरी

दूरियाँ बढ़ती जातीं हैं
पर प्रेम सिकुड़ता नहीं
तेरी आँखों के संसार में
मेरा अस्तित्व डूबता है