तेरी याद के दीप
तेरी याद के दीप जलते हैं मौन रात में
सिमट आती है हर साँस मेरी तेरी बात में
दूर होकर भी कितना पास महसूस करती हूँ
खो जाती हूँ तेरी स्मृतियों की हर बरसात में
बिखरे हुए पल, अधूरे सपने, टूटी हुई आवाज
फिर भी जीवित हूँ मैं तेरी अंतिम मुस्कान के साथ