यहाँ एक कविता प्रस्तुत है:

हरियाली की आँखों में
छुपा है जीवन का स्वर

पत्तों में थरथराती हवा
फूलों में खिलता श्रृंगार

पर्वत की ऊँची चोटियाँ
नदी के निर्मल बहाव में

मौन खड़ी प्रकृति अनमोल
हर पल में करती उपहार