यहाँ एक कविता प्रस्तुत है:

बादल की गोद में

सिमट आया आसमान, काला और गहरा
बूँदें गिरीं धरती पर, जैसे कोई कहानी
हर पत्ता नाचने लगा, हर कली मुस्कुराई
रिमझिम संगीत में खो गई मेरी जान

पानी की थाप पर थिरकती पगडंडियाँ
भीगी हुई सड़कें, चमकते शीशे
एक अजीब सी शांति, एक नया संसार
बारिश के इन पलों में मिल गया प्यार