लहरों का अनंत नृत्य
चाँदनी में चमकता समुद्र का तट
हर लहर में छिपा एक अनकहा सपना
उछलती, गिरती, फिर से उठती लहरें
जैसे जीवन का अनोखा संगीत
कभी शांत, कभी उग्र, कभी मीठी
हर लहर में एक कहानी बसी
समंदर की गोद में नाचती हुई
स्वतंत्रता का प्रतीक, मुक्त आत्मा