यहाँ एक कविता प्रस्तुत है:

तू दूर, मैं यहाँ

बिखरी हुई यादों के सागर में
तेरी स्मृतियाँ लहरें बन चलीं

कभी मुस्कुराते थे एक साथ
अब आँखें भीग जाती हैं अकेली

दूरियाँ बढ़ती जाती हैं
पर प्रेम रहता है करीब

तेरी याद में लिखी ये पंक्तियाँ
मौन व्यथा की कहानी हैं