जीवन का अर्थ
क्या है यह सफर, यह अनोखी डगर
पल-पल बदलता, फिर भी एक समर
कभी हँसते हुए, कभी रो के चलते
अर्थ ढूँढते हुए, राहों में भटकते
प्रेम है संधि, संघर्ष है पथ
अनुभव है गहरा, हर क्षण का व्रत
सपने हैं दीप, जो जलाते चलें
मुस्कान है वह, जो बढ़ाते चलें
जीवन का अर्थ
क्या है यह सफर, यह अनोखी डगर
पल-पल बदलता, फिर भी एक समर
कभी हँसते हुए, कभी रो के चलते
अर्थ ढूँढते हुए, राहों में भटकते
प्रेम है संधि, संघर्ष है पथ
अनुभव है गहरा, हर क्षण का व्रत
सपने हैं दीप, जो जलाते चलें
मुस्कान है वह, जो बढ़ाते चलें