यहाँ एक कविता प्रस्तुत है:

बादल की फुसफुसाहट

कागज़ की नाव सी छलकती बूँदें
खिड़की पर थिरकती नाचती मुस्कुराहट

पत्तों पर झूमती हरी उमंग
पानी की मीठी सरसराहट

गीली मिट्टी की सुगंध
हवा में तैरती खुशबू

बारिश के संगीत में
धरती हँसती, मन मदमाता