हरियाली का जादू
पत्तों में छिपी चुपके से कोयल,
मुस्कुराती हरी डगर पर चली
पहाड़ों की गोद में बहती नदी,
किरणों से चमकती नीली
कभी बारिश की मीठी फुहारें,
कभी सूरज की गर्म गली
प्रकृति तेरी हर सांस में छुपा,
एक अनमोल, अद्भुत खेली
हरियाली का जादू
पत्तों में छिपी चुपके से कोयल,
मुस्कुराती हरी डगर पर चली
पहाड़ों की गोद में बहती नदी,
किरणों से चमकती नीली
कभी बारिश की मीठी फुहारें,
कभी सूरज की गर्म गली
प्रकृति तेरी हर सांस में छुपा,
एक अनमोल, अद्भुत खेली