मित्रता
रिश्तों की डोर, जो बांधे अनोखे
हृदय के तार, जुड़े सरोखे
कभी हंसी, कभी आँसू बांटे
साथ चलें, जीवन के पाठ सजाते
बिन शब्दों के समझ लें एक-दूसरे को
छुपा लें अपने सपने, हर दुख-सोच को
मित्रता है वो कोमल डोर
जो जोड़े दिलों को, बिना कोई ज़ोर
मित्रता
रिश्तों की डोर, जो बांधे अनोखे
हृदय के तार, जुड़े सरोखे
कभी हंसी, कभी आँसू बांटे
साथ चलें, जीवन के पाठ सजाते
बिन शब्दों के समझ लें एक-दूसरे को
छुपा लें अपने सपने, हर दुख-सोच को
मित्रता है वो कोमल डोर
जो जोड़े दिलों को, बिना कोई ज़ोर