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ज़िन्दगी का पता ही न चला

हमने यूँ सारि ज़िन्दगी गुज़ार दी
महज़ पैसे कमाने में
के पता ही न चला, कब
मौत आ खड़ी हुई देवाज़े पर
मेरी ज़िंदगी लेने के इंतेज़ार में
©shairana