आसान नहीं होता
ज़िन्दगी का वो सफर चुनना
कोशिशे बहुत किये थे
तब जा कर
इस कदर टूटे थे
इस कदर बिखरे थे
कि सभलने का भी मौका नहीं मिला
मुख पर हसीं लिये
दिल के अन्दर
ढेर सारा सवालों का तूफान चल रहा था
खेल खिलाती ज़िन्दगी को
हम चल दिये
अलविदा कह कर
कुछ याद गारो का लम्हा
आप के साथ बाट कर
कुछ सपनो को पूरा कर के
और कुछ सपनो को अधूरा छोड़ कर
हम चल दिये उन गलियों में
जहाँ से हम आप को तो देख तो पायेंगे
पर सायद आप हमें नहीं
आसान नहीं था
आप से यूँ दूर जाना
ज़िन्दगी के इस मुकाप पर आकर
ज़िन्दगी का वो सफर चुनना
आसान नहीं था
ज़िन्दगी के इस मुकाप पर आकर
ज़िन्दगी का वो सफर चुनना... !!
shushant singh Rajput
©jyotishaw
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